डेटा प्रोटेक्शन बिल: इस संबंध में 5 महत्वपूर्ण बिंदुओं को जानें

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गुरुवार को, नागरिको की सुरक्षा के लिए मद्देनजर रखते हुए, केंद्र सरकार ने लोकसभा में “पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन विधेयक 2023” को पेश किया इसे अब संसदीय पैनल के पास भेजने की घोसणा की है

अगर यह बिल पास हो जाता है तो भारत दुनिया का पहला देश बनेगा जिसके पास नागरिकों की डिजिटल प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए कानून होगा। इस बिल का लक्ष्य नागरिकों के डेटा के उपयोग पर एक सुरक्षित गाइडलाइन को तैयार करना, जिसे प्राइवेट संस्थाओं और सरकार संबोधित करें।

डेटा प्रोटेक्शन विधेयक में भारतीय नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान जारी किया गया है, जिससे यह बिल भारतीय नागरिकों को वैश्विक स्तर पर डिजिटल दुनिया में सुरक्षा प्रदान करता है। यहां देखें 5 खास बातें जो इस बिल से जुड़ी हैं:

विदेशी कंपनियों से भारतीय नागरिकों के डेटा शेयर करने के लिए एक ब्लैक और व्हाइट लिस्ट तैयार की जाएगी। यह कानून भारत के बाहर भी डेटा प्रोसेसिंग पर लागू किया जाएगा।

इस बिल के जरिए अगर यह कानून बन जाता है, तो भारत सरकार को कानूनी रूप से भारतीय नागरिकों के डेटा की सुरक्षा करने और नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ जुर्माना लगाने का अधिकार मिलेगा।

सरकार इस कानून का ठीक से पालन करवाने के लिए एक डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड की स्थापना करेगी, जिसमें एक मुख्य कार्यकारी और बोर्ड सदस्यों की नियुक्ति होगी।

यदि किसी भी प्लेटफ़ॉर्म ने डेटा नियमों का उल्लंघन किया है, तो उस प्लेटफ़ॉर्म के ऊपर अधिकतम 250 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

इस बिल के कानून बनने के बाद सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन डेटा इस कानून के दायरे में आ जाएंगे।

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